आखिर किसके थे नगरा पुलिस द्वारा पकड़े गए 20 लाख रुपये, जांच में उलझती जा रही है कहानी !
बृजेश सिंह
बलिया। नगरा पुलिस द्वारा शनिवार की शाम को वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े 20 लाख रुपये ने नया मोड़ ले लिया है। जांच में पुलिस को बताई कहानी का दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं दिख रहा है। कोषाधिकारी और आयकर नोडल अधिकारी की जांच में कई चौकाने वाले खुलासे हुए है। जो पकड़े गए युवक के सारे दावे को खारिज कर रहे है। अब सवाल यह उठ रहा है कि 20 लाख रुपये आशुतोष के नहीं तो आखिर किसके थे ? इसे कहां ले जाया जा रहा था। क्या बाजार में हो रही चर्चा सही थी। क्या चुनाव में धनबल का खेल शुरु है। अब देखना है कि आयकर विभाग और चुनाव आयोग द्वारा उस पैसे के मालिक तक पहुँचने का प्रयास किया जाता है या धन की जब्ती कर मामले को यहीं खत्म कर दिया जाएगा।
बता दे कि नगरा थानाध्यक्ष शनिवार की शाम को मालीपुर के वाहन चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान एक चार पहिया वाहन में बैग में रखे 20 लाख रुपये दिखे। जिसे वाहन में सवार आशुतोष कुमार द्वारा अपना बताया गया लेकिन उसका कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। हालांकि आशुतोष ने पुलिस को बताया था कि वो पैसे जमीन बिक्री के थे। रविवार को जब कोषाधिकारी ममता सिंह और आयकर नोडल अधिकारी अनिरुद्ध श्रीवास्तव इस प्रकरण की जांच किये तो चौकाने वाली कई बातें सामने आई। आशुतोष द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य उनके द्वारा बताए गए कार्यों से मेल नहीं खा रहे थे। इस संबंध में श्री श्रीवास्तव ने आशुतोष द्वारा खुलवाए गए बैंक खातों की भी जांच की। साथ ही संबंधित बैंक कर्मियों के साथ भी संबंधित प्रकरण में बातचीत की।
आशुतोष ने बताया कि वह लखनऊ का निवासी है, जबकि उसका वोटर कार्ड बलिया का बना हुआ है। साथ ही उसने एक अन्य वोटर कार्ड लखनऊ में भी बनवा रखा है। आशुतोष द्वारा प्रस्तुत किए गए पहचान पत्रों में जन्मतिथि अलग-अलग लिखी हुई है। वरिष्ठ कोषाधिकारी ममता सिंह ने आयकर नोडल अधिकारियों के साथ बैठकर इस प्रकरण की जांच की।
एक टिप्पणी भेजें