बड़ी खबर
बृजेश सिंह
....तो अब झोलाछाप चिकित्सक जिला अस्पताल में भी करने लगे है ऑपरेशन !
बृजेश सिंह
बलिया। लो जी अब अप्रशिक्षित चिकित्सक अपने मरीज का जिला अस्पताल में ऑपरेशन भी स्वयं करने लगे है, वो सरकारी संसाधन से। ऑपरेशन भी ऐसा कि मरीज को प्राइवेट अस्पताल में भागकर अपनी जान बचानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में हुए इस खेल में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। हैरान करने वाली बात तो यह है कि सरकारी अस्पताल और सरकारी संसाधन से ऑपरेशन कर पैसे ऐंठने का यह खेल स्वास्थ्य महकमे के आला अफसर की नाक के नीचे खेला गया है। पीड़ित महिला ने इस मामले में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंप कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। फिरहाल इस मामले में सीएमएस ने संबंधित सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
यह मामला रेवती थाना क्षेत्र के रेवती कस्बे के वार्ड नम्बर 11 का है। जहां पर बृजेश तिवारी की पत्नी सुनीता तिवारी के बाएं पैर में सुई धंस गयी थी । परिजनों ने उसे रेवती सरकारी अस्पताल के पास डॉ नियाज को दिखाया तो उनके सलाह पर एक्सरे कराया गया। जिसमें पता चला कि आधी टूटी सुई अंदर रह गई है।महिला के पति ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि कथित चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल में ऑपरेशन करने की बात कही। शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुँचने पर ऑपरेशन थिएटर में ले गया और ऑपरेशन जब सफल नहीं हो पाया तो कहा कि इसका बड़ा ऑपरेशन सोमवार को करना पड़ेगा। जिसमें और अधिक पैसा लगेगा। जिसके बाद पति ने प्राईवेट अस्पताल में उसका इलाज करवाया। इस मामले में महिला के पति बृजेश कुमार तिवारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर बाहरी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सवाल यह है कि गांव गिराव में अप्रशिक्षित चिकित्सक लोगों का दवा इलाज कर रहे है। जिसमें कईयों की मौते हो चुकी है। लेकिन कार्यवाई के नाम पर विभागीय खानापूर्ति की जाती है। जब उनकी पहुंच इतनी बड़ी है कि सरकारी अस्पताल में सरकारी संसाधन से अपने मरीजों का इलाज कर पैसा ऐंठ सकते है तो कैसे यकीन किया जाय कि स्वास्थ्य महकमें की बगैर इजाजत इनकी दुकानें चलती है। क्या दो चार पर कार्यवाई और आदेश निर्देश केवल हाथी के दांत है जो दिखाने के कुछ और खाने के कुछ और है।
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